नई दिल्ली – कस्टम अधिकारियों ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में नशे की तस्करी की अब तक की सबसे बड़ी कोशिशों में से एक को नाकाम किया है।
क्या हुआ?
खुफिया सूचना के आधार पर SIIB (Special Intelligence and Investigation Branch), Air Cargo Complex, New Customs House की टीम ने बैंकॉक से आए एक कंसाइनमेंट को रोका।
- कंसाइनमेंट को PU ट्यूब्स बताया गया था और 19 कार्टन में पैक था।
- गलत जानकारी (mis-declaration) के शक में इसे होल्ड पर रखा गया।
- इंपोर्टर के प्रतिनिधि की मौजूदगी में जब जांच की गई, तो अंदर प्लास्टिक के स्पूल मिले जिनमें PU ट्यूब लिपटी थी।
- जब स्पूल को तोड़ा गया तो अंदर बनी खुफिया cavity से पॉलीथीन में लिपटे हरे रंग के पदार्थ के पैकेट निकले।
ऐसे पैकेट 15 कार्टन में मिले। प्रारंभिक जांच में पदार्थ के गांजा/मारिजुआना होने की पुष्टि हुई।
कितना माल बरामद?
- कुल 120 स्पूल में छिपाकर लाया गया था नशा
- कुल वजन: 148.67 किलो हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा)
- कस्टम वैल्यू: लगभग ₹52 करोड़
- भारत में स्ट्रीट वैल्यू: लगभग ₹150 करोड़
यह हाइड्रोपोनिक वीड है, जो सामान्य गांजे से कई गुना महंगा और ज्यादा नशीला होता है।
आगे की कार्रवाई:
- NDPS Act, 1985 के तहत पूरा माल जब्त
- 72 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद 1 आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में पेश किया गया
- 3 राज्यों में 5 जगहों पर फॉलो-अप सर्च में कई अहम सुराग मिले हैं
- पूरे ऑपरेशन की निगरानी चीफ कमिश्नर और प्रिंसिपल कमिश्नर स्तर के अधिकारियों ने की
फिलहाल आगे की जांच जारी है।

