झारखंड की आदिवासी नेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता निशा कुमारी भगत (लगभग 36-38 वर्ष) की रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र स्थित किराये के मकान में मौत हो गई। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला मान रही है, और अप्राकृतिक मौत (UD) का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
मौत से पहले क्या हुआ?
मौत से पहले निशा भगत ने करीब 10-11 मिनट का फेसबुक लाइव किया था। लाइव में वह रोते हुए नजर आईं और उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से आदिवासी समाज, जल-जंगल-जमीन और सरना-सनातन के लिए अकेले संघर्ष कर रही थीं, लेकिन उन्हें कहीं से साथ नहीं मिला।
लाइव के दौरान ही उन्होंने पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन कर अपनी जान देने की बात भी कही थी। 6ff8
आत्महत्या से करीब एक घंटे पहले उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट भी साझा की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था – “मेरी मौत का जिम्मेदार झारखंड पुलिस, न डरते हैं मिशनरी से, न बिकते हैं पैसों से, सरकार किसी की भी हो, जमीन हमारी है, जान हमारी है।” 37bf
लाइव में किन पर आरोप लगाए?
लाइव में निशा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार, पिठोरिया पुलिस और जमीन दलालों / भू-माफियाओं पर उत्पीड़न और मदद न करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार और जमीन दलालों के खिलाफ आवाज उठाना “मौत को दावत देने” जैसा हो गया है। 7fb8
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें RSS-BJP का दलाल कहा जा रहा है, जो गलत है। उन्होंने अपने पिता को झारखंड आंदोलनकारी बताया और मां को याद किया।
कौन थीं निशा भगत?
- मूल रूप से गुमला जिले की रहने वाली, उरांव आदिवासी समुदाय से
- पिता हंदू भगत झारखंड आंदोलन से जुड़े रहे
- 2024 का विधानसभा चुनाव JLKM की टिकट पर गुमला से लड़ा था, बाद में पार्टी छोड़ दी थी
- केंद्रीय सरना समिति से जुड़ी रहीं, सरना धर्म, धर्मांतरण विरोध, जमीन और पेसा जैसे मुद्दों पर मुखर थीं b5fa
पिता ने क्या कहा?
बेटी की मौत के बाद पिता हंदू भगत ने पिठोरिया थाने में लिखित आवेदन देकर अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पिता ने बेटी की मौत को सुनियोजित षड्यंत्र के तहत हत्या बताया है। 2d84
पिता के मुताबिक, करीब 4 महीने पहले उनके घर में डकैती पड़ी थी, CCTV में कैद होने के बावजूद पुलिस ने मदद नहीं की। बेटी का चरित्र हनन और बदनाम करने की साजिश रची गई।
पुलिस ने क्या कहा?
रांची ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि दोपहर लगभग 12:15 बजे फेसबुक लाइव के माध्यम से सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें RIMS अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। add2
पुलिस ने कहा है कि FSL टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, और पिठोरिया थाना प्रभारी के खिलाफ लगे आरोपों सहित सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। कोई लिखित सुसाइड नोट नहीं मिला है।
राजनीतिक हलचल और मांग
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने CBI जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि निशा ने जिन लोगों को जिम्मेदार बताया है, उनकी गिरफ्तारी हो। fd7b
VHP और भाजपा ने भी CBI जांच की मांग की है। नगड़ी चेकपोस्ट के पास युवाओं ने सड़क जाम कर CBI जांच की मांग की।
अंतिम संस्कार
RIMS में विशेष मेडिकल बोर्ड और मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम के बाद शनिवार, 7 नवंबर को गुमला के चैनपुर स्थित पैतृक गांव उरू में अंतिम संस्कार किया गया।
नोट: ऊपर दिए गए आरोप निशा भगत के लाइव वीडियो और परिजनों / नेताओं के बयानों पर आधारित हैं। पुलिस जांच जारी है, आरोप अभी सत्यापित नहीं हुए हैं।

