रायपुर।* इसे कहते हैं स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) में मरीजों को जमीन पर नहीं, बल्कि एक ही बेड पर दो-दो मरीजों को लेटाया जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली तस्वीर प्रसूति वार्ड से सामने आई है, जहां एक ही बेड पर दो प्रसूता महिलाओं और उनके दो नवजात बच्चों को एक साथ रखा गया है। संक्रमण के खतरे के बीच मां और बच्चों की जिंदगी के साथ खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है।
सोचने वाली बात ये है कि जब राजधानी रायपुर में प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल का ये हाल है, तो सुदूर बस्तर और सरगुजा के अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
सवाल सरकार से:
- आखिर इतने बड़े अस्पताल में बेड की इतनी कमी क्यों है?
- नवजात शिशुओं की सुरक्षा का जिम्मेदार कौन है?
- क्या गरीब मरीजों की जान की कोई कीमत नहीं?
इस तस्वीर ने पूरे स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोल दी है।

