गरियाबंद।* मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा जंगल में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर जंगल में जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए 21 लाख रुपये के नक्सली डंप को बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 2 सरेंडर महिला नक्सली और 1 पुरुष सहयोगी शामिल है।
कैसे हुई कार्रवाई?
मैनपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग राजाडेरा पहाड़ी के पास जंगल में गड़ा हुआ पैसा निकालने आने वाले हैं। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की। जंगल से काले बैग के साथ लौट रहे 3 संदिग्धों ने पुलिस को देख छिपने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उन्हें पकड़ लिया। बैग की तलाशी में टिफिन के अंदर 500-500 के नोटों की गड्डियां मिलीं। गिनती में कुल 21 लाख रुपये निकले। साथ में 3 मोबाइल और एक TVS मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
कौन हैं आरोपी?
- सिंगे उर्फ रोशनी (25) – निवासी गामगुलावर, सुकमा – नक्सली सीसी मेंबर चलपति की पूर्व गार्ड रह चुकी है।
- बुधरी मुचाकी उर्फ सोनी (35) – निवासी एटेगट्टा, सुकमा – सीनापाली दलम की पूर्व कमांडर।
- नोहर मरकाम (36) – निवासी भुतबेड़ा, मैनपुर – नक्सलियों का सहयोगी।
दोनों महिलाओं ने शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण किया था और पुनर्वास कैंप में रह रही थीं। पूछताछ में बताया कि यह रकम 2024 में नक्सली कमांडर चलपति ने ठेकेदारों और आम लोगों से डरा-धमका कर वसूली गई थी और राजाडेरा जंगल की पहाड़ी के पास जमीन के अंदर छिपाकर रखी थी।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ BNS की धारा 308(2), 61(2) और UAPA की धारा 17, 18, 20, 38, 40 के तहत मामला दर्ज किया है।

