रायपुर पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद गुढ़ियारी क्षेत्र के आदतन अपराधी अविनाश कोसले उर्फ ‘मनिया’ पर पहली जिला बदर की यह सख्त कार्यवाही की गई

रायपुर में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होते ही पुलिस ने अपराध पर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में राजधानी में पहली बार एक आदतन अपराधी के खिलाफ जिला बदर की बड़ी कार्रवाई की गई है. हत्या के प्रयास, मारपीट और अन्य गंभीर मामलों में शामिल अविनाश कोसले उर्फ मनिया को छह जिलों की सीमा से बाहर कर दिया गया है, जिससे इलाके में फैल रहे भय के माहौल को नियंत्रित करने की कोशिश की गई है.

आदतन अपराधी पर जिला बदर की कार्रवाई

गुढियारी इलाके के रहने वाले अविनाश कोसले उर्फ मनिया के खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी किया गया है. पुलिस ने उसे लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने के बाद यह सख्त कदम उठाया. उसे शहर और आसपास के कई जिलों से बाहर रहने के लिए कहा गया है.

छह जिलों में प्रवेश पर लगाया गया प्रतिबंध

छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत 29 मई 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, अविनाश को उसी दिन शाम 5 बजे से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का निर्देश दिया गया है. यह प्रतिबंध तीन महीने तक, यानी 30 अगस्त 2026 तक लागू रहेगा.

बिना अनुमति नहीं कर सकेगा एंट्री

प्रशासन ने साफ आदेश दिया है कि जिला बदर की अवधि के दौरान आरोपी बिना सक्षम न्यायालय की अनुमति के इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा. नियमों का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जा सकती है.

कई गंभीर मामलों में दर्ज हैं केस

32 वर्षीय अविनाश कोसले के खिलाफ मारपीट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और जुआ एक्ट सहित एक दर्जन से ज्यादा गंभीर अपराध दर्ज हैं. वह पहले भी जेल जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद उसकी गतिविधियों में कोई बदलाव नहीं आया.

इलाके में बना हुआ था डर का माहौल

लगातार अपराधों में संलिप्त रहने के कारण गुढियारी और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बन गया था. स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त फैसला लिया. रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद यह पहली बड़ी जिला बदर कार्रवाई मानी जा रही है.