गैगरेप व प्राइवेट पार्ट में बोतल डालने का मामला फ़र्ज़ी निकला… पति से विवाद के बीच उसके दोस्तों को जेल भिजवाने के लिए रचा था खेल, पुलिस ने फ़र्ज़ी केस दर्ज कराने वाली युवती को अरेस्ट किया

    Toran Kumar reporter

    ग़ाज़ियाबाद में कथित गैगरेप व युवती के प्राइवेट पार्ट में बोतल डालने के मामले में पुलिस ने चौकाने वाला खुलासा करते हुए वादिया ज्योति सागर को ही अरेस्ट किया हैं। ज्योति ने  दीपक चौहान, रोबिन चौहान व् एक अज्ञात पर संगीन धाराओं में FIR कराई थी। पुलिस दीपक व रोबिन की घटना के समय की लोकेशन चैक कराई तो दोनों अलग अलग स्थानों पर मिले। पुलिस की जाँच में पता चला की युवती पहले भी अपने लिव इन पार्टनर पर FIR कराकर समझौता कर चुकी हैं। इसके बाद फ्रेंड के दोस्त वैभव की शिकायत की थी। इस केस में भी समझौता हुआ। अब पता चला की युवती ने पति को पिस्टल के बल पर शादी करने के जुर्म में जेल भिजवा रखा हैं। दीपक व रोबिन पति के दोस्त हैं.. अब इन्हे भी जेल भिजवाना चाहती थी.. मगर पुलिस ने उसके मंसूबे पहले ही तोड़ दिए।

    पुलिस को यह भी पता चला कि यह महिला पहले भी फर्जी केस दर्ज करवा चुकी है. इससे पहले उसने अपने लिव-इन पार्टनर विकास त्यागी पर रेप, मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया था. बाद में उसने खुद ही माना कि उनके बीच सहमति से संबंध बने थे. पुलिस के मुताबिक विकास त्यागी फिलहाल जेल में बंद है, और उसके केस की पैरवी करने वाले दीपक चौहान और वैभव चौहान को फंसाने के लिए महिला ने यह नया झूठ गढ़ा था.

    सभी सबूत मिलने के बाद पुलिस ने महिला के खिलाफ झूठी शिकायत देने और निर्दोष लोगों को फंसाने की साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया है. आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी)/230 (मौत की सजा के मामले में फंसाना)/308(3) (जबरन वसूली)/352 (जानबूझकर अपमान/उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है.

    गाजियाबाद पुलिस ने जनता से अपील की है कि लोग पुलिस को झूठी शिकायत और गलत जानकारी देने से बचें. पुलिस ने चेतावनी दी कि झूठे मामले दर्ज कराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.