बरही (हजारीबाग)। बरही थाना क्षेत्र के करियातपुर नईटांड़ के पास जीटी रोड पर शनिवार अहले सुबह पुलिस ने मवेशी लदे 21 ट्रकों के काफिले को रोककर जांच शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि ये वाहन बिहार के काराकाट मवेशी मेला से पशुओं को लेकर बंगाल की ओर जा रहे थे। काफिले के साथ एक महिला कार से चल रही थी, जो इन 21 वाहनों को एस्कॉर्ट कर रही थी।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सभी ट्रकों को रोककर पशुओं के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में पशुओं को किस उद्देश्य से और किन नियमों के तहत बिहार से बंगाल ले जाया जा रहा था। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
हालांकि, मौके पर ट्रकों में जिस तरह से मवेशियों को लदा हुआ पाया गया, उसे देखकर पशुओं के रखरखाव और उनके साथ संभावित क्रूरता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस और पशुपालन विभाग की टीम पशुओं की स्थिति, परिवहन व्यवस्था और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।
पशु मालिकों का दावा है कि वे काराकाट मेला से खरीदे गए पशुओं को बंगाल के विभिन्न खटालों तक ले जा रहे थे। उनके अनुसार, 20 ट्रकों में भैंस और उनके बच्चे तथा एक ट्रक में गाय और उनके बछड़े हैं। मालिकों ने खरीद-बिक्री, टैक्स और परिवहन से संबंधित कागजात होने की बात कही है।
पशुओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने बरकट्ठा पुलिस के सहयोग से उन्हें ट्रकों से उतारकर घंगरी में रखने की व्यवस्था की है। वहीं, बरही पशुपालन विभाग के कर्मी को भी मौके पर बुलाकर पशुओं की स्थिति की जांच कराई जा रही है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 21 ट्रकों में इतने मवेशियों को किस उद्देश्य से और किन परिस्थितियों में ले जाया जा रहा था। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है।थाना प्रभारी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, मवेशियों से लदे 21 ट्रकों का काफिला रोके जाने की घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

