मध्यप्रदेश के सागर गोपालगंज थाना क्षेत्र में यह वारदात घटित हुई है. शुरुआत सोशल मीडिया प्रोफाइल की स्क्रीनिंग से हुई. पुलिस ऐसे प्रोफाइल की स्क्रीनिंग कर रही थी, जिनमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोग पिस्तौल, चाकू या दूसरे हथियारों के साथ फोटो और वीडियो पोस्ट करते हैं. इसी दौरान दो सोशल मीडिया प्रोफाइल पुलिस की नजर में आए. इनमें पिस्तौल के साथ फोटो मिलने के बाद दोनों मामलों में कार्रवाई शुरू की गई. गोपालगंज थाना पुलिस सौरभ अहिरवार के घर पहुंची.
पुलिस टीम सोशल मीडिया पर सामने आई पिस्तौल की तस्वीर की तस्दीक करना और घर की तलाशी लेना चाहती थी..
तलाशी के दौरान पुलिस की नजर एक लॉक अलमारी पर गई. अलमारी बंद थी और उसकी चाबी परिवार के पास नहीं थी. इसके बाद पंचों की मौजूदगी में नियमानुसार अलमारी खुलवाई गई. अलमारी खुलते ही अंदर रखा एक बैग दिखाई दिया. जब पुलिस ने बैग खोला तो उसमें बड़ी संख्या में नोट भरे मिले. इसके बाद अलमारी की तलाशी आगे बढ़ी. एक बैग के बाद दूसरा, फिर तीसरा और चौथा बैग सामने आया. चारों बैगों में नकदी रखी थी.
घरवालों के मुताबिक मुताबिक यह रकम उनके रिश्तेदार PWD में इंजीनियर रमेश अहिरवार करीब 8-9 महीने पहले यहां रखकर गए थे.रमेश अहिरवार भोपाल के चूना भट्टी इलाके में रहते हैं .
पुलिस से इस मामले की जांच अब लोकायुक्त ने अपने हाथ में ले ली है. पांच सदस्यीय SIT गठित कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है.

