KMC के डायरेक्‍टर डा. सुनील गुप्ता व उनकी पत्नी समेत चार डाक्टरों पर मुकदमा, महिला के अंग निकालने का आरोप..10 माह बाद हुई FIR

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UP क़े मेरठ में शहर के प्रतिष्ठित माने जाने वाले KMC अस्पताल पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं। पित्त की थैली के ऑपरेशन के तीन दिन बाद महिला मरीज बबीता की मौत हुई तो अब कोर्ट क़े आदेश पर FIR हुई है।
रोहटा थाने के मीरपुर गांव निवासी ब्रिजेश कुमार शर्मा ने बताया कि दो अक्टूबर 2024 को पत्नी बबीता की तबीयत खराब हुई। उसे केएमसी अस्पताल में भर्ती कराया। तीन अक्टूबर को बबीता का आपरेशन डा. सुनील गुप्ता ने डा. प्रतिभा गुप्ता, डा. सतीश अरोड़ा एवं न्यूरो सर्जन तथा कर्मचारियों के साथ मिलकर किया। पांच अक्टूबर की रात बबीता की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि ऑपरेशन की आड़ में शरीर में चीरफाड़ की गई और कई अंग निकाल लिए गए।
केएमसी हास्पिटल मेरठ के संचालक डा. सुनील गुप्ता का कहना है कि अस्पताल की छवि बिगाड़ने की मंशा से मुकदमा कराया गया है। यह मुकदमा पूरी तरह से गलत है। इसमें कोई साक्ष्य नहीं हैं।

मृतका के शरीर पर कई स्थानों पर चीरे पाए गए, जिससे मामला संदिग्ध हो गया। परिजनों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद टीपीनगर थाने में अस्पताल संचालक डॉ. सुनील गुप्ता, उनकी पत्नी डॉ. प्रतिभा समेत चार डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 308 (गैर इरादतन हत्या), और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया है।
डॉ. सुनील गुप्ता पर इससे पहले भी किडनी चोरी के आरोप लग चुके हैं, लेकिन जांच अधूरी रह गई थी। अब एक बार फिर उनके अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
केएमसी हास्पिटल मेरठ के संचालक डा. सुनील गुप्ता का कहना है कि अस्पताल की छवि बिगाड़ने की मंशा से मुकदमा कराया गया है। यह मुकदमा पूरी तरह से गलत है। इसमें कोई साक्ष्य नहीं हैं।

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