बीजापुर / छत्तीसगढ़, 6 नवंबर 2026:*
नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर जिले के जंगल में छिपाकर रखे गए विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है।
कहां मिला जखीरा?
सर्च ऑपरेशन के दौरान उसूर थाना क्षेत्र के FOB ताड़ापाला से करीब 1.5 किमी उत्तर-पश्चिम में, KG हिल्स / कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के पास के जंगलों में ये जखीरा मिला। कर्रेगुट्टा पहाड़ियां छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित हैं, जिसे माओवादी नेताओं के लिए एक सुरक्षित ठिकाना माना जाता था।
किसने चलाया ऑपरेशन?
विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर एक संयुक्त टीम ने लक्षित सर्च ऑपरेशन चलाया। टीम में शामिल थे:
- बीजापुर जिला पुलिस
- CRPF की 196वीं वाहिनी
- 204 कोबरा बटालियन
क्या-क्या बरामद हुआ?
तलाशी के दौरान माओवादियों के डंप से कुल 711 नग बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) शेल मिले। BGL शेल का इस्तेमाल ग्रेनेड दागने के लिए किया जाता है और ये घात लगाकर किए गए हमलों या सुरक्षा शिविरों पर होने वाले हमलों में भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
सभी शेल को सुरक्षा मानकों और विस्फोटक हैंडलिंग के तय प्रोटोकॉल के तहत सावधानी से कब्जे में लिया गया, ताकि अचानक फटने का कोई खतरा न रहे।
क्यों है ये बड़ी सफलता?
अधिकारियों के मुताबिक ये बरामदगी इलाके में माओवादियों के रसद नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। इससे माओवादियों की ग्रेनेड से घात लगाकर हमला करने की क्षमता कम होगी।
आगे क्या होगा?
सुरक्षाबलों को आशंका है कि केजी हिल्स और आसपास के जंगलों में IED समेत अन्य विस्फोटक सामग्री भी छिपाई गई हो सकती है। इसलिए जल्द ही पूरे इलाके में निर्धारित योजना के तहत डी-माइनिंग / विस्फोटक हटाने का अभियान चलाया जाएगा।
पुलिस की अपील
पुलिस ने ग्रामीणों और आगंतुकों से फिलहाल कर्रेगुट्टा और आसपास की पहाड़ियों में न जाने की अपील की है, क्योंकि वहां IED या अन्य बिना फटे विस्फोटक होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

