तिरुपति मंदिर को मिला घी का नया वेंडर, हर रोज बनेगा 7-8 लाख लड्डू का प्रसाद

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Toran Kumar reporter

आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में बनने वाले लड्डू प्रसादम को लेकर काफी विवाद हो रहा है। जिस तरह से मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकार के कार्यकाल में यहां बनने वाले लड्डू में एनिमल फैट पाया गया, उसके बाद इसको लेकर काफी हंगामा हो रहा है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अब यहां एक बार फिर से बेहतर गुणवत्ता के लड्डू बनने जा रहे हैं।

शनिवार को टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी जे. श्यामला राव ने मीडिया से कहा, “अब लड्डुओं की गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल होने वाले घी पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।” टीटीडी ने शनिवार को अन्य प्रसादों में गाय के घी और दूध से बने उत्पादों के इस्तेमाल को अस्थायी रूप से रोक दिया है। टीटीडी की रसोई, जिसे ‘पोटु’ कहा जाता है, इसमें अब प्रसिद्ध नंदिनी ब्रांड का घी भेजा जा रहा है। नंदिनी ब्रांड कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) का प्रमुख ब्रांड है। यह ब्रांड मुख्य रूप से दूध और दूध से बने उत्पादों जैसे घी, मक्खन, दही, पनीर आदि के लिए प्रसिद्ध है। नंदिनी ब्रांड के उत्पाद कर्नाटक सहित पूरे भारत में लोकप्रिय हैं और इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता के कारण उपभोक्ताओं के बीच इसकी बड़ी मांग है। KMF भारत के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक संघों में से एक है और यह नंदिनी ब्रांड के तहत उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पादों की आपूर्ति करता है। शुक्रवार को 73,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने मंदिर का दौरा किया।

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम जोकि मंदिर के प्रबंधन को देखता है, उसने जानकारी दी है कि कर्नाटक मिल्क फेडरेशन हमारे साथ नए वेंडर के तौर पर जुड़ा है, जोकि यहां घी की सप्लाई करेगा। टीटीडी ने आश्वासन दिया है कि यहां तत्काल प्रभाव से असल गुणवत्ता वाले लड्डू का उत्पादन शुरू होगा।

टीटीडी के एग्जेक्युटिव ऑफिसर जे श्यामला राव ने कहा कि अब यहां लड्डुओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा, ना ही घी की गुणवत्ता से कोई समझौता किया जाएगा हालांकि टीटीडी ने शनिवार को मंदिर में अस्थायी प्रभाव से प्रसाद बनाने में घी और दूध से बने उत्पाद का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी थी।

ब्रह्मोत्सवम की तैयारी

आगामी 4 से 12 अक्टूबर तक मंदिर में होने वाले ब्रह्मोत्सवम उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। ऐसे में टीटीडी यह सुनिश्चित कर रहा है कि लड्डू बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले घी पर्याप्त मात्रा में यहां उपलब्ध हों।

तकरीबन 7-8 लाख श्रद्धालु इस उत्सव में शामिल होने के लिए आते हैं। यह भव्य आयोजन पवित्र प्रसाद के बड़े भंडार को बनाए रखने के महत्व को दर्शाता है।

मंदिर की रसोई जिसे ‘पोटू’ कहते हैं, उसकी देखरेख रखने वाले मुनि रत्नम ने बताया कि हम उत्सव के दौरान मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिदिन 8-9 लाख लड्डू बनाएंगे।

घी की अब कोई समस्या नहीं

आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश नायडू ने इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान संभावित घी की कमी के बारे में चिंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक नया विक्रेता, केएमएफ, उच्च गुणवत्ता वाला घी आपूर्ति करने के लिए तैयार है। ऐसे में हमें घी की कोई समस्या नहीं होगी।

गरुड सेवा में उमड़ेगी भीड़

मंदिर में ब्रह्मोत्सव के दौरान आने वाले तीर्थयात्रियों की बड़ी संख्या के लिए तैयारी की जा रही है। खास तौर पर 8 अक्टूबर को गरुड़ सेवा के दिन यहां भक्तों की काफी भीड़ आती है । इस दौरान लोगों को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है।

ट्रैफिक एडवाइजरी

तीर्थयात्रियों को APSRTC बसों का उपयोग करने के लिए कहा गया है क्योंकि 7-9 अक्टूबर को घाट की सड़कों पर निजी दोपहिया वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। चार पहिया वाहन लाने वालों के लिए एसवी चिड़ियाघर के बगल में भारतीय विद्या भवन स्कूल और देवलोक में निर्दिष्ट पार्किंग क्षेत्रों की व्यवस्था की गई है।

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