भारत बंद को लेकर क्या है किसानों का प्लान? राकेश टिकैत ने बताया

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Bharat Band Today: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत कई मांगों लेकर ‘अन्नदाता’ एक बार फिर सड़क पर हैं. सरकार और किसानों के बीच 2 दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकला है. 13 फरवरी से शुरू हुए किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च का गुरुवार को तीसरा दिन था. मांग पूरी नहीं होते देख संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) और भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने आज गुरुवार 16 फरवरी को ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है. किसानों के ‘भारत बंद’ को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का भी समर्थन है. संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) ने सभी समान विचारधारा वाले संगठनों से एकजुट होने और ‘भारत बंद’ (Bharat Band Latest News) में भाग लेने का अनुरोध किया है. ‘भारत बंद’ के तहत विरोध-प्रदर्शन सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा. किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने बताया कि ‘भारत बंद’ के दौरान किन सेवाओं पर पाबंदी रहेगी.

हाइवे नहीं किया जाएगा बंद’
राकेश टिकैत ने कहा, ‘हमने ‘ग्रामीण भारत बंद’ के बारे में बात की है-कि किसान कल अपने खेतों में न जाएं. यह कल एक बड़ा संदेश देगा… इस आंदोलन की एक नई विचारधारा है, एक नई पद्धति है. हाईवे बंद नहीं होंगे, बैठकें जारी रहेंगी और हम वहीं निर्णय लेंगे… 17 फरवरी को सिसौली में मासिक पंचायत होगी. उन्होंने कहा कि MSP पर हमारी मांग तो है, लेकिन पंजाब और हरियाणा में जो घटनाएं हो रही हैं, उस पर रणनीति बनानी होगी- हमें ऐसी उम्मीद है. हमने कहा है कि इसके लिए भीड़ के रूप में इकट्ठा न हों… जहां तक बंद का सवाल है, हमने लोगों से स्वेच्छा से भाग लेने का आग्रह किया है…

छात्रों की परीक्षा चल रही इसलिए…

राकेश टिकैत ने न्यूज रिपोर्टर से बात करते हुए कहा कि चूंकि बच्चों की परीक्षा चल रही है, इसलिए हमने हाइवे बंद नहीं करने को लिए कहा है. लोग जहां चाहें आ-जा सकते हैं. टिकैत ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने साल 2020 में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया था. अब हम ‘चलो दिल्ली’ प्रदर्शन में शामिल हैं.

इमरजेंसी सेवाओं पर कोई असर नहीं

16 फरवरी को भारत बंद की वजह से यातायात, दुकानें, कृषि गतिविधियां, औद्योगिक क्षेत्रों, निजी कार्यालयों, मनरेगा ग्रामीण कार्य और सेवा क्षेत्र से जुड़े संस्थान बंद रखे जा सतके हैं. इस दिन ग्रामीण कार्यों और कृषि गतिविधियों के बंद रहने से किसान और श्रमिक काम नहीं करेंगे. बंद के दौरान इमरजेंसी सेवाएं जैसे एम्बुलेंस, मेडिकल सुविधा, शादी और बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों को नहीं रोका जाएगा.

क्या है किसानों की मांग?

  1. सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बने.
  2. डॉक्टर एम एस स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के हिसाब से कीमत तय हो.
  3. किसान और खेत में काम करने वाले मजदूरों का कर्जा माफ हो.
  4. 60 साल से ऊपर के किसानों को 10 हजार रुपये पेंशन दी जाए.
  5. भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 दोबारा लागू किया जाए.
  6. लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को सजा दी जाए.
  7. मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाई जाए.
  8. विद्युत संशोधन विधेयक 2020 को रद्द किया
  9. मनरेगा में हर साल 200 दिन का काम और 700 रुपये दिहाड़ी दी जाए.
  10. किसान आंदोलन में मृत किसानों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी मिले.
  11. नकली बीज, कीटनाशक दवाइयां और खाद वाली कंपनियों पर कड़ा कानून बनाया जाए.
  12. मिर्च, हल्दी और अन्य मसालों के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन किया जाए.
  13. संविधान की 5वीं सूची को लागू कर आदिवासियों की जमीन की लूट बंद की जाए.

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