Raipur news:नाबालिग दुष्कर्म मामले में एक और गिरफ्तारी!रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का एक्शन। फर्जी UID बनाकर पीड़िता की उम्र बदलने वाला आरोपी गिरफ्तार। मामले में अब तक 9 अरेस्ट, सख्त कार्यवाही जारी।

Raipur news:नाबालिग से दुष्कर्म कर गर्भवती करने, फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्रसव कराने और नवजात शिशु की बिक्री के मामले में रायपुर पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 30 वर्षीय पिंटू सिंह के रूप में हुई है। वह रायपुर के दलदल सिवनी इलाके का रहने वाला है। इस गिरफ्तारी के बाद मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के मुताबिक, मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ और जांच के दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार कराने की जानकारी सामने आई।

जांच में पता चला कि आरोपी महिला पूनम सागरिया ने नाबालिग की असली उम्र छिपाकर उसे बालिग दिखाने की कोशिश की। इसके लिए उसने नाबालिग के नाम में बदलाव कर फर्जी आधार कार्ड बनवाया था।

मोबाइल ऐप से बदला नाम और उम्र

इसके लिए पीड़िता का आधार कार्ड दलदल सिवनी निवासी पिंटू सिंह को दिया गया था। आरोप है कि पिंटू ने मोबाइल ऐप की मदद से आधार कार्ड में दर्ज नाम और उम्र बदल दी और फर्जी आधार कार्ड बना दिया। इसके बाद उसने यह फर्जी दस्तावेज पूनम सागरिया को वापस दे दिया।

मोबाइल फोन किया जब्त

जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने पिंटू सिंह की तलाश शुरू की और उसे पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि पूनम सागरिया के कहने पर उसने आधार कार्ड में बदलाव किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त किया है। अब मोबाइल में मौजूद जानकारी और दूसरे डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे फर्जी दस्तावेज बनाने में शामिल अन्य लोगों और पूरे मामले की जानकारी सामने आ सकती है।

पहले ही 8 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस इस मामले में पहले ही 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, यह मामला नाबालिग से दुष्कर्म, उसे गर्भवती करने, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल, प्रसव कराने और नवजात की बिक्री से जुड़ा है।

पुलिस ने बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट और जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है।

अन्य आरोपियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस जब्त किए गए मोबाइल फोन और जांच के दौरान मिले दूसरे सबूतों की जांच कर रही है। साथ ही मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद करने वाले लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार किए गए और इसमें किसने क्या मदद की।