बिहार के जमुई में बिना UPSC पास किए 18 साल का लड़का बन गया आईपीएस। पुलिस ने पूछा तो बोला- ‘मैं तो IPS हूं’ फिर जो हुआ, देखिए वीडियो।

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जमुईः यूपीएससी की परीक्षा पास करना मुश्किल लगा तो युवक बिना परीक्षा पास किए ही आईपीएस बन गया. आईपीएस तो बन गया लेकिन जानकारी के अभाव में जेल जाना पड़ गया. बिहार के जमुई में ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जमुई पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो खुद को आईपीएस बता रहा है.

2 लाख रुपए देकर बन गया ‘आईपीएस’: मामला जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र का है. आरोपी की पहचान मिथलेश मांझी (18) के रूप में हुई है. सिकंदरा थाना की पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो हैरान करने वाला खुलासा हुआ. मिथलेश ने खैरा निवासी मनोज सिंह नामक एक व्यक्ति पर आरोप लगाया है कि उसने उससे 2 लाख रुपए लेकर उसे वर्दी दी है. कहा कि ‘अब तुम पुलिस में नौकरी कर सकते हो. तुम आईपीएस बन गये हो’.

‘मैं आईपीएस हूं..’: युवक लखीसराय के हलसी थाना के गोवर्धन बीघा धीरा गांव का है. जानकारी के मुताबिक पुलिस ने युवक को सिकंदरा जिला परिषद अध्यक्ष आवास के पास से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक वह सिकंदरा चौक के आसपास था. इसी दौरान उसे पकड़ने गयी तो बोला कि ‘मैं आईपीएस हूं’, इसके बाद पुलिस उसे पकड़ कर थाना ले आयी. इसको लेकर एसडीपीओ सतीश सुमन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है.

”सिकंदरा पुलिस के द्वारा एक फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर घूम रहे युवक को गिरफ्तार किया गया है. जिसे थाने लाकर लाकर पूछताछ की जा रही है. इसमें शामिल सभी गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया जाएगा.”– सतीश सुमन, एसडीपीओ

वर्दी के साथ पिस्टल भी मिलाः मीडिया के सवाल पर युवक ने कई खुलासे किए. उसने बताया कि मनोज सिंह नामक शख्स ने कहा था कि दो लाख रुपए दो तो तुम्हें आईपीएस बना दूंगा. युवक कहीं से व्यवस्था कर एक महीने पहले दो लाख रुपए दे दिया था. बदले में मनोज सिंह ने शुक्रवार की सुबह 4 बजे खैरा चौक पर सरकारी स्कूल के पास युवक को एक वर्दी और एक पिस्टल दे दी. कहा कि जाओ बहुत जल्द तुम्हें यह भी बता दिया जाएगा कि ड्यूटी कहां करना है.

मनोज सिंह ने कहा था कि दो लाख रुपए दोगे तो पुलिस में नौकरी लगा देंगे. मैंने एक महीने पहले दो लाख दे दिए थे. आज सुबह में उसने खैरा स्कूल के पास वर्दी और पिस्टल दी. हम अपनी मां को बताने गांव आ गए. इसके बाद फिर बकाया 30 हजार देने के लिए खैरा जा रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने सिकंदरा चौक पर पकड़ लिया.”-मिथलेश मांझी, फर्जी आईपीएस

युवक वर्दी पहनकर और पिस्टल लेकर गांव आ गया. अपनी मां को बताया कि वह आईपीएस बन गया है. इसके बाद वह बकाया 30 हजार रुपए देने के लिए सिकंदरा आया था. खुशी के मारे सिकंदरा चौक पर घूम रहा था और लोगों को बता रहा था कि वह आईपीएस बन गया है. आईपीएस बनने की खुशी में समोसा और मिठाई भी खायी लेकिन इसी दौरान किसी ने सिकंदरा पुलिस को सूचना दे दी. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

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