छत्तीसगढ़ शासन ने किया जारी :सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में संविदा नियुक्ति, प्राध्यापक समेत कई पदों पर नियुक्ति आदेश जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक के पदों पर संविदा नियुक्ति की है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। नियुक्त कर्मचारियों की सेवा शर्तें और वेतन संबंधी नियम भी आदेश में स्पष्ट किए गए हैं।

विभाग के मुताबिक, संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों को हर महीने निर्धारित एकमुश्त वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त विशेष वेतन, महंगाई भत्ता, क्षतिपूर्ति भत्ता और गृह भाड़ा भत्ता जैसे अन्य लाभ नहीं मिलेंगे। संविदा नियुक्ति के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि की पात्रता भी नहीं होगी। हालांकि, अव्यवसायिक भत्ता नियमानुसार दिया जा सकेगा।

साल में मिलेगा 30 दिन का आकस्मिक अवकाश

सीधी भर्ती के माध्यम से संविदा नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों को प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 30 दिन का आकस्मिक अवकाश और 3 दिन का ऐच्छिक अवकाश मिलेगा।

यदि किसी कर्मचारी की नियुक्ति वर्ष के बीच में होती है या उसकी सेवा बीच में समाप्त होती है तो अवकाश की पात्रता की गणना वास्तविक सेवा अवधि के आधार पर की जाएगी। विश्रामावकाश वाले विभागों में कैलेंडर वर्ष का अर्थ 12 महीने की वास्तविक सेवा अवधि से होगा।

आचरण नियमों का करना होगा पालन

संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 लागू होंगे। नियुक्ति अवधि के दौरान कर्मचारियों को निर्धारित सरकारी नियमों और सेवा शर्तों का पालन करना होगा।

एक महीने के नोटिस पर समाप्त हो सकेगी नियुक्ति

आदेश के अनुसार, संविदा नियुक्ति के दौरान कर्मचारी या सरकार में से कोई भी पक्ष एक महीने की पूर्व सूचना देकर सेवा समाप्त कर सकता है। इसके विकल्प के रूप में एक महीने का वेतन देकर भी नियुक्ति समाप्त की जा सकेगी।

पेंशन और ग्रेच्युटी का नहीं मिलेगा लाभ

संविदा सेवा समाप्त होने के बाद संबंधित कर्मचारी को संविदा अवधि के आधार पर नियमित सरकारी कर्मचारी की तरह पेंशन, उपादान (ग्रेच्युटी) या मृत्यु लाभ की पात्रता नहीं होगी।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नियुक्त किए गए प्राध्यापकों, सह प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों की सूची भी आदेश के साथ जारी की है।

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