यह मध्य प्रदेश के छतरपुर की एक ऐसी दर्दनाक घटना है, जिसने सरकारी सिस्टम की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यहां एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आया। बेटे के मुताबिक, तुरंत एंबुलेंस को कॉल किया गया, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची।
मजबूर होकर बेटा अपने पिता को लोडर पर लिटाकर अस्पताल के लिए निकला। रास्ते भर वह पिता के सीने को दबाकर उनकी जान बचाने की कोशिश करता रहा, लेकिन ट्रैफिक जाम में गाड़ी फंस गई… और आखिरकार पिता ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

