राजकोट, गुजरात – सिविल हॉस्पिटल की इमरजेंसी सेवा पर उठे सवाल*
गुजरात के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक, राजकोट सिविल हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर एक परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड के बाहर एक बुजुर्ग महिला, जिन्हें खुद चलने में दिक्कत हो रही थी, एक दूसरे बुजुर्ग मरीज को स्ट्रेचर पर धकेलती हुई नजर आईं। बताया जा रहा है कि मौके पर मदद के लिए कोई वार्ड बॉय या हॉस्पिटल स्टाफ मौजूद नहीं था।
इस घटना का वीडियो / फोटो सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं:
- इमरजेंसी जैसी क्रिटिकल जगह पर मरीजों को स्ट्रेचर की सुविधा क्यों नहीं मिल रही?
- क्या इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ की भारी कमी है?
- बुजुर्ग और गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए क्या प्रोटोकॉल है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिविल हॉस्पिटल में अक्सर मरीजों के परिजनों को ही स्ट्रेचर खींचना पड़ता है। इस घटना ने एक बार फिर मरीजों की देखभाल और बेसिक सुविधाओं की मौजूदगी पर सवाल खड़ा कर दिया है।
फिलहाल इस मामले में हॉस्पिटल अधीक्षक की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

