छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा मैं जिले शराब पीकर गाड़ी चलाई तो अब थाने में लगानी पड़ेगी 30 दिन झाड़ू, कोर्ट ने सुनाई अनोखी सजा

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर अदालत का एक अनोखा और सख्त फैसला सामने आया है.  शराब के नशे में वाहन चलाने वाले एक आरोपी पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय, जांजगीर ने सख्त और समाजोपयोगी रुख अपनाया है.  अदालत ने सिर्फ आर्थिक जुर्माना लगाने के बजाय एक अनोखी सजा सुनाई है, जो चर्चा का विषय बन गई है. जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी दो बार शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जा चुका था. चेतावनियों के बावजूद बार-बार नियम तोड़ने की उसकी आदत को देखते हुए, कोर्ट ने सिर्फ जुर्माना लगाने या जेल भेजने के बजाय यह सुधारात्मक कदम उठाने का फैसला किया.

15 हजार रुपये जुर्माने के साथ 30 दिन की सामुदायिक सेवा
कोर्ट ने आरोपी को ₹15,000 का जुर्माना भरने और 30 दिनों तक सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है. इस आदेश के तहत आरोपी को अगले 30 दिनों तक रोजाना तीन घंटे जांजगीर कोतवाली पुलिस स्टेशन परिसर में झाड़ू-पोछा और साफ-सफाई करनी होगी. सफाई के काम के अलावा आरोपी को शराब पीकर गाड़ी चलाने के खतरों के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए मुख्य चौराहों पर खड़े होने का काम भी सौंपा गया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी को पहले भी दो बार नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया था. बार-बार ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की वजह से कोर्ट ने सजा को सिर्फ जुर्माने तक सीमित न रखकर आरोपी को जनहित में सामुदायिक सेवा  करने का आदेश भी दिया. कोर्ट का मकसद आरोपी को उसकी गलती का एहसास कराना और समुदाय में सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाना है. इस फैसले की पूरे जिले में चर्चा हो रही है. इसे सड़क सुरक्षा के बारे में एक कड़ा संदेश देने वाले कदम के तौर पर देखा जा रहा है, और उम्मीद है कि इससे ट्रैफिक नियमों का पालन करने और नशे में गाड़ी न चलाने के बारे में जागरूकता बढ़ेगी.