Chhattisgarh:सूरजपुर -* आखिरकार दो साल पुराने उस खौफनाक मंजर का हिसाब हो गया, जिसने पूरे छत्तीसगढ़ को हिला दिया था। प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और मासूम बेटी की हत्या मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट सूरजपुर ने आज गुरुवार को सजा सुना दी।
जज आनंद प्रकाश वारियाल ने अपने फैसले में कहा – ये सामान्य अपराध नहीं, रेयरेस्ट ऑफ रेयर है।
किसे क्या सजा मिली?
कोर्ट ने चार लोगों को दोषी माना था। आज उनमें से तीन को सीधे फांसी के फंदे तक पहुंचा दिया गया – कुलदीप साहू जो इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड था, उसके साथ चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह। चौथा आरोपी आर्यन उर्फ गोल्डी अब पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे रहेगा।
13 अक्टूबर 2024 की वो काली रात…
कुलदीप साहू की पुलिस से पुरानी खुन्नस थी। उस रात उसने पहले बाजार में एक जवान पर गर्म तेल फेंका, फिर सीधे तालिब शेख के घर में घुस गया। घर में अकेली महिला और 11 साल की बच्ची थी। हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं और दोनों को मारकर शव पीढ़ा के खेत में फेंक दिया गया। दूसरे दिन सुबह जब शव मिले तो सूरजपुर बंद हो गया था, लोगों ने आरोपी के घर में आग तक लगा दी थी।
29 सितंबर को दोषी, 8 अक्टूबर को सजा
पिछले हफ्ते कोर्ट ने चारों को दोषी करार दिया था, तभी कुलदीप हंसता हुआ बाहर निकला था – वही वीडियो वायरल हुआ था। आज उसी हंसी का अंत फांसी पर हुआ।
R Khulasa Note:_ मुस्कुराते हुए कोर्ट से निकला था कुलदीप, आज फांसी सुनकर मुस्कान गायब हो गई। कानून से बड़ा कोई नहीं, ये सूरजपुर कोर्ट ने साबित कर दिया।

