Chhattisgarh:गौरेला पेंड्रा मरवाही: गौरेला थाना इलाके के ग्राम दरमोहली में 21 वर्षीय युवक सरवन सिंह कुसराम की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. शुरुआती जांच में जिस मौत को पेट दर्द, खून की उल्टी और दस्त के कारण हुई प्राकृतिक मौक बताया गया, वह अब कथित तौर पर अवैध शिकार के दौरान चली गोली से हुई मौत निकली. जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों के आधार पर गौरेला पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने, धमकी देने और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
शिकारियों की गोली से हुई थी युवक की मौत
दरअसल, 28 जून को ग्राम कोटवार की सूचना पर एक मर्ग कायम किया गया था. उस समय मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया था कि सरवन सिंह की तबीयत बिगड़ने से मौत हुई है. इसी आधार पर शव का बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. हालांकि मर्ग जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ और मृतक के परिजनों एवं अन्य लोगों के बयान दोबारा लिए गए.
जंगल में शिकार करने गए थे आरोपी
जांच के दौरान मृतक के बड़े भाई पवन सिंह कुसराम ने बताया कि 27 जून को गांव के कुछ लोग जंगल में जंगली जानवर का शिकार करने के लिए घेराबंदी कर रहे थे. इसी दौरान आरोपी रामायण कुसराम ने अपनी भरमार बंदूक से गोली चलाई, जो सीधे सरवन सिंह के सीने में जा लगी. गोली लगते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने पवन सिंह को जंगल बुलाकर पूरी घटना बताई और किसी से भी इसका जिक्र नहीं करने की बात कही.
मृतक के भाई ने उठाया राज से पर्दा
आरोपियों ने मृतक के पिता देवशरण सिंह को भी जंगल बुलाया और हाथ जोड़कर शव का चुपचाप अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाया. जब उसने पुलिस को सूचना देने की बात कही तो आरोपियों ने उसके परिवार को गोली मारने की धमकी दी. भय के कारण परिवार ने पुलिस को वास्तविक घटना नहीं बताई और अगले दिन शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिससे पोस्टमार्टम नहीं हो सका. करीब 20 दिन बाद मृतक के बड़े भाई ने साहस जुटाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने माता-पिता और ग्राम कोटवार को दी. इसके बाद पुलिस ने पूरक बयान दर्ज कर मामले की दोबारा जांच की.
12 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज
जांच में मिले तथ्यों के आधार पर गौरेला थाना में अपराध क्रमांक 298/2026 दर्ज किया गया है. पुलिस ने मामले में 12 लोगो के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है जबकि 6 आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है. 6 लोग अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं. पुलिस ने मामले में आरोपियो की निशानदेही पर 2 भरमार बंदूकें भी जब्त की हैं. इस मामले में रामायण कुसराम, लक्ष्मण यादव, कमलेश सलाम, कैलाश ओट्टी, सुरजन सिंह, अर्जुन सिंह, भानू सिंह, बलराम सिंह, बैधा गोंड, मुरारी गोंड, अंधऊ गोंड तथा अनुपपुर जिले के पंडरीपानी निवासी संतलाल धुर्वे के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई जारी है.

