बिलासपुर से स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है।
ठाकुरदेवा, मस्तूरी निवासी सुखम बाई साहू को कान में दर्द की शिकायत थी। परिजन इलाज के लिए उसे नेहरू नगर के श्री राम केयर हॉस्पिटल ले गए।
परिजनों का आरोप है कि वहाँ से उसे कोनी स्थित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल भेज दिया गया। वहाँ जांच के बाद डॉक्टर ने दिल में ब्लॉकेज बताकर एंजियोप्लास्टी की सलाह दी। फिर उसी सलाह पर महिला को वापस श्री राम केयर हॉस्पिटल लाकर एंजियोप्लास्टी की गई, और उसी दौरान उसकी मौत हो गई।
परिवार का फूटा गुस्सा:
मृतका की बेटी संगीता साहू ने सीधा आरोप लगाया कि लापरवाही से उसकी मां की जान गई है। परिवार ने अस्पताल में हंगामा किया और लाइसेंस रद्द करने की मांग की। सूचना पर सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची।
अब सवाल ये है कि अगर इलाज सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में हो सकता था तो मरीज को फिर प्राइवेट में क्यों भेजा गया? क्या ये आयुष्मान योजना के नाम पर किया गया खेल है?
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

