बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओ पर अत्याचार के विरोध में आज रायपुर में रैली बजरंग दल का

    रायपुर। बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ हो रही हिंसा के विरोध में सर्व सनातन हिंदू पंचायत के बैनर तले आयोजित आक्रोश रैली में 10,000 से अधिक लोग शामिल हुए। इस रैली का नेतृत्व घनश्याम चौधरी ने किया। जिसमें हिंदू समाज के सभी प्रमुखों की उपस्थिति ने इसे और भी अधिक प्रभावी बना दिया। रैली का आयोजन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने और रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से निष्कासित करने की मांग को लेकर किया गया था।

    हिंदू पंचायत के मंच से समाज के प्रमुखों ने दिखाया एकता का संदेश  

    इस आक्रोश रैली में हिंदू समाज के सभी प्रमुखों की उपस्थिति ने इसे एक ऐतिहासिक आयोजन बना दिया। भगवती शर्मा  और डॉ. कुलदीप सोलंकी जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों ने अपनी उपस्थिति से इस आंदोलन को और भी सशक्त बनाया। इस मौके पर सर्व सनातन हिंदू पंचायत ने अपने संकल्प को दोहराया कि हिंदू समाज अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए हमेशा एकजुट रहेगा।

    राज्यपाल ने दिया भरोसा- राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तक पहुंचेंगी हमारी आवाजें 


    रैली के अंत में, राज्यपाल रमेन डेका को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं के नरसंहार और रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठियों को निष्कासित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की गई। राज्यपाल ने हिंदू समाज को भरोसा दिलाया कि वे इस ज्ञापन को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेंगे और इस पर गंभीर चर्चा करेंगे।

    हिंदू समाज की प्रमुख मांगें जो घनश्याम चौधरी ने सरकार के समक्ष रखी

    1. बांग्लादेश पर आर्थिक प्रतिबंध

    घनश्याम चौधरी जी ने मांग की कि भारत सरकार बांग्लादेश पर तत्काल आर्थिक प्रतिबंध लगाए, ताकि वहां हो रहे हिंदू अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को रोका जा सके।

    2. अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर न्याय की आवाज

    उन्होंने कहा कि भारत सरकार को बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के मुद्दे को यूनाइटेड नेशंस, यूरोपीय यूनियन, और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उठाना चाहिए, ताकि अंतर्राष्ट्रीय दबाव बन सके।

    3. WAR ROOM की हो स्थापना

    घनश्याम चौधरी जी ने सरकार से तुरंत एक WAR ROOM स्थापित करने की मांग की, जो बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर निगरानी रखे और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे।

    4. शरणार्थियों को सुरक्षा

    उन्होंने यह भी मांग की कि बांग्लादेश में प्रताड़ित हिंदुओं को भारत में ससम्मान शरण दी जाए, ताकि वे सुरक्षित जीवन जी सकें।

    5. अवैध घुसपैठियों का निष्कासन
     
     उन्होंने कहा कि भारत में रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को तुरंत निष्कासित किया जाए, जिससे देश की सुरक्षा और सामरिक हितों की रक्षा हो सके।

    6. समान नागरिकता कानून (UCC) का लागू होना

    उन्होंने पूरे देश में समान नागरिकता कानून (UCC) को लागू करने की मांग की, ताकि सभी नागरिकों को समान अधिकार मिल सके और धार्मिक भेदभाव समाप्त हो।

    7. धर्मांतरण पर सख्त कानून

    घनश्याम चौधरी जी ने छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर सख्त कानून लागू करने की मांग की, ताकि धार्मिक असहिष्णुता और जबरन धर्मांतरण पर पूर्णतः रोक लगाई जा सके।

    स्वामी शिव स्वरूपानंद जी ने बताया प्राणवानंद अष्टम का महत्व 

    रैली में स्वामी शिव स्वरूपानंद जी ने प्राणवानंद अष्टम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह अष्टम हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अनवरत कार्य करता रहा है, और आज के इस संघर्ष में भी इसका योगदान अहम रहेगा।

    हिंदू समाज की गर्जना- अब और अत्याचार नहीं सहेंगे

    आज की रैली ने यह साबित कर दिया कि हिंदू समाज अब अन्याय और अत्याचार के खिलाफ उठ खड़ा हुआ है। रायपुर की सड़कों पर उमड़ी इस भीड़ ने यह संदेश दिया कि हम अब अपने समाज और संस्कृति पर हो रहे हमलों को और बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह रैली छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक नया अध्याय लिख गई।