गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की सामूहिक आत्महत्या के मामले ने झकझोर कर रख दिया है। केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब पुलिस का कहना है कि लड़कियों की ख्वाहिश थी कि वो किसी कोरियन लड़के संग अपना घर बसाएं। लड़कियों के कोरियन कल्चर के ‘लत’ से परिवार को अत्यधिक चिंतित कर दिया था। यही वजह रही कि उनके परिवार को उनसे मजबूरन फोन छीनना पड़ा।
दरअसल, तीन सगी बहनों- निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने 3 फरवरी की रात करीब 2 बजे कमरे को अंदर से लॉक कर दिया। फिर उन्होंने एक-एक कर बालकनी से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। इसकी वजह कथितौर पर ऑनलाइन ‘कोरियन लव गेम’ की लत बताई जा रही है, जिसने इन तीनों का ‘ब्रेनवॉश’ इस कदर किया कि उन्हें जिंदगी से ज्यादा मौत आसान लगी।
पुलिस के अनुसार, तीनों बहनें कोरियन ड्रामा, म्यूजिक और यूट्यूब कंटेंट से गहराई से प्रभावित थीं। ऐसे में उन्हें लगने लगा कि उन्हें कोरियन कल्चर से दूर किया जा रहा है, जिससे उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा। इसके बाद उन्होंने 9वीं मंजिल से कूदकर मौत को गले लगा लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
तीन बहनों ने सुसाइड नोट में क्या लिखा?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मौके से एक पेज के बरामद सुसाइड नोट में लिखा है ‘मम्मी-पापा सॉरी। हम गेम नहीं छोड़ पा रहे हैं। शायद अब आपको एहसास होगा कि हम उस गेम से कितना प्यार करते थे, जिसे आप छुड़वाना चाहते थे।’
इसके अलावा एक 8 पन्नों की डायरी भी बरामद की गई है। डायरी से मालूम पड़ता है कि तीनों बहनें कोरियन कल्चर यानी के-पॉप, कोरियन मूवीज, शोज, म्यूजिक और यूट्यूबर्स से प्रभावित थीं। उनका रहन-सहन भी कथिततौर पर उन्हीं सा हो चुका था। घर से बरामद हुई डायरी में लिखा है कि परिवार ने उनका मोबाइल ले लिया था। ऐसे में उनसे कोरियन कल्चर से दूरी बर्दाश्त नहीं हुई।
ट्रिपल मर्डर केस पर क्या बोली पुलिस?
गाजियाबाद के डीसीपी निमिष पाटिल ने कहा, ‘अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों लड़कियों ने आत्महत्या की है। एक सुसाइड नोट मिला है जिसकी आधिकारिक जांच की जा रही है। जांच में किसी ऐप का नाम नहीं है। हालांकि नोट में लिखा है कि लड़कियां कोरियन कल्चर से प्रभावित थी। उसी के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली।’
मोबाइल इस्तेमाल पर लगी रोक तो अकेलापन खाने लगा…
पुलिस जांच में सामने आया है कि परिवार ने तीनों बच्चियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। इससे उनका मानसिक तनाव बढ़ता चला गया। बच्चियों ने डायरी में लिखा कि मोबाइल लेने के बाद से वो खुद को अकेला और टूटा हुआ महसूस करने लगी थीं।
पिता की दो शादी और पांच बच्चे
पूरे घटनाक्रम में तीनों बच्चियों का स्कूल से कटाव भी अहम कारण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कोरोना काल के बाद से वह स्कूल नहीं जा रही थीं। इसके अलावा पारिवारिक पृष्ठभूमि भी अब जांच के दायरे में है। पुलिस ने बताया कि लड़कियों के पिता की 2 शादियां हुई थी, इनकी माता अलग-अलग हैं। चेतन कुमार (बच्चियों के पिता) दोनों पत्नियों और पांच बच्चों के साथ एक ही घर में रह रहे थे।

