गिरफ्तार आरोपियों से 300 से अधिक फर्जी सिम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी मिली*
आरोपी द्वारा बेचे गए सिम म्यूल बैंक खाता, टेलीग्राम रिव्यू टास्क, ऑनलाइन जॉब फ्राड, फेक सोशल मीडिया फ्राड, शेयर ट्रेडिंग एवं सामान कम मूल्य में बेचने के बहाने से साइबर फ्रॉड करने के अपराध में प्रयोग हुए हैं*
रायपुर:पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशन में साइबर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध ऑपरेशन साइबर शील्ड के अंतर्गत लगातार कार्यवाही की जा रही है
प्रकरण 1 थाना माना रायपुर(ग्रामीण) में अपराध क्रमांक 300/25 धारा-317(2), 317(4), 317(5), 3(5) बीएनएस पंजीबद्ध किया गया है। उक्त अपराध में छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के पीड़ितों के साथ 20.28 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज है, जिसमें इंडसइंड बैंक के म्यूल अकाउंट और मोबाइल सिम संलिप्त हैं।
प्रकरण 2 थाना आजाद चौक में अपराध क्रमांक 283/25 धारा-317(2), 317(4), 317(5), 3(5) बीएनएस, पंजीबद्ध किया गया है। उक्त अपराध में छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के पीड़ितों के साथ 6.42 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज है, जिसमें साउथ इंडियन बैंक के म्यूल अकाउंट और मोबाइल सिम संलिप्त हैं।
दोनों अपराध की विवेचना रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा की जा रही है।
विवेचना क्रम में अपराध में संलिप्त मोबाइल सिम की जानकारी संबंधित सिम सेवा प्रदाता कंपनी से प्राप्त की गई। प्राप्त जानकारी के तकनीकी विश्लेषण, पीड़ितों एवं साक्षियों के कथन, पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में प्राप्त तथ्यों के आधार पर फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले एवं संवर्धक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। आरोपी
1 सुदीप्त सासमल, साहू मोबाइल भनपुरी रायपुर
2 आरोपी शिवनारायण साहू, रुद्रा मोबाइल उरला एवं शिव कृपा मोबाइल बलौदा बाजार
3 जयंत लहरी, लहरी मोबाइल रिसाली दुर्ग
4 मनीष आहूजा, आहूजा मोबाइल महावीर नगर
5 कैलाश प्रताप सिंह, नेयानी मोबाइल जामुल
मोबाइल के नाम से प्वाइंट ऑफ सेल खोलकर
6 कैलाश प्रताप सिंह, जामुल दुर्ग
7 विनोद वर्मा, पंडरी रायपुर
VI, जियो, एयरटेल के सिम कार्ड बेचने के कार्य करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों से प्री एक्टिवेटेड सिम तथा 300 से अधिक सिम जो फ्राड करने में उपयोग किए जा रहे हैं की जानकारी प्राप्त हुई है जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।
अपराध का तरीका-
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि नया सिम लेने/सिम पोर्ट कराने वाले कस्टमर का डबल थंब स्कैन/आई ब्लिंक कर ई केवाईसी के माध्यम से अतिरिक्त सिम चालू करते थे तथा जिस कस्टमर के पास आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी होती थी उसका विवरण स्वयं ही वेरीफाई कर डी केवाईसी के माध्यम से अतिरिक्त सिम चालू करते थे। इन फर्जी सिम को अधिक मूल्य पर अन्य साइबर अपराधियों को बेचते थे, जिन्हें पूर्व में गिरफ्तार किया गया था तथा फर्जी सिम खरीदने वाले दो आरोपी सुधीर जैन और विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण–
1 सुदीप्त सासमल पिता अशोक सासमल उम्र 36 वर्ष वर्तमान पता बीरगांव, रायपुर (साहू मोबाइल भनपुरी रायपुर), स्थाई पता पांसकूड़ा, पूर्व मेदनीपुर, वेस्ट बंगाल
2 शिवनारायण साहू पिता भोलाराम उम्र 37 वर्ष पता कसडोल, बलौदा बाजार (रुद्रा मोबाइल उरला, शिव कृपा मोबाइल बलौदा बाजार)
3 जयंत लहरी पिता स्व. बसंत लहरी उम्र 31 वर्ष पता 245 जी रिसाली सेक्टर दुर्ग (लहरी मोबाइल रिसाली दुर्ग)
4 मनीष आहूजा पिता रमेश आहूजा उम्र 39 वर्ष पता B 10 मारुति विहार महावीर नगर रायपुर (आहूजा मोबाइल, महावीर नगर रायपुर)
5 सुधीर जैन पिता सुंदर लाल जैन उम्र 50 वर्ष पता शिवानंद नगर सेक्टर 4 विनायक गार्डन खमतराई रायपुर
6 कौशल प्रताप सिंह पिता वीरेंद्र प्रताप सिंह उम्र 38 वर्ष पता कैलाश नगर जामुल, दुर्ग
(नेयानी मोबाइल जामुल दुर्ग)
7 विनोद वर्मा पिता हरिराम वर्मा उम्र 32 वर्ष पता झंडा चौक पंडरी रायपुर

