महासमुंद/खल्लारी:* नशे के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत महासमुंद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने पुराने NDPS केस में डेटा एनालिसिस कर गांजा बेचने वाले मुख्य सोर्स को ओडिशा से गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।
क्या था मामला?
27 जून 2025 को थाना खल्लारी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बागबाहरा की ओर से स्कूटी क्रमांक CG04 QC 4491 में गांजा तस्करी हो रही है। नाकाबंदी देखकर आरोपी स्कूटी को ग्राम बीकेबाहरा के पास छोड़कर जंगल में फरार हो गया। स्कूटी की डिक्की से 10 पैकेट में कुल 10.470 किलो गांजा, कीमत ₹1,57,000 जब्त हुआ।
स्कूटी से लेकर सोर्स तक — पुलिस कैसे पहुंची?
- स्कूटी के मालिक के जरिए पुलिस पहले तस्कर देवराज कुम्हार (नुआपाड़ा, ओडिशा) तक पहुंची, जिसे 1 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया।
- उसके बयान पर रायपुर के 2 आरोपी जयंत दीपक (कबीर नगर) और नवीन शेन्द्रे (बैरन बाजार) को पकड़ कर जेल भेजा गया।
- जब्त मोबाइल का डेटा खंगाला तो मुख्य सोर्स का पता चला।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार:*
25 अक्टूबर 2026 को महासमुंद पुलिस की टीम ने मुख्य आरोपी सोहन माली पिता घनश्याम माली, उम्र 22 साल, निवासी ग्राम दुआक्षर, थाना खरियार, जिला नुआपाड़ा (ओडिशा) को उसके घर से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
कुल जप्ती: 10.470 किलो गांजा + स्कूटी + 4 मोबाइल = ₹2 लाख 72 हजार।
पुलिस का बयान: इस कार्यवाही से सोर्स से डेस्टिनेशन तक का पूरा अंतर्राज्यीय गांजा नेटवर्क ध्वस्त हो गया है। आगे भी ऑपरेशन निश्चय जारी रहेगा।

