गुरुग्राम पुलिस ने क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के स्कैम में शामिल एक नकली कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया और दिल्ली से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गुरुग्राम। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का साइबर अपराध दक्षिण थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने दिल्ली के जनकपुरी इलाका स्थित एक फ्लैट में छापामारी कर एक महिला सहित पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब पांच महीने से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलते रहते थे।

सेक्टर-43 स्थित कार्यालय में एसीपी साइबर अपराध गौरव फौगाट ने पत्रकारवार्ता के दौरान बताया कि बीती 11 मार्च को एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उसके पास क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर एक लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करने के बाद उसके क्रेडिट कार्ड से करीब 28 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। शिकायत के आधार पर साइबर अपराध दक्षिण थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच जून को दिल्ली से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान दिल्ली के बलजीत नगर निवासी राहुल, तिलकनगर निवासी आंचल, इंद्रपुरी निवासी अनुज पाल, गौरव व मुकुल किरार के रूप में हुई।

सरगना के इशारे पर काम करते थे आरोपी

पूछताछ में पता चला कि आरोपित एक मुख्य सरगना के इशारे पर काम करते थे। सरगना उन्हें लोगों का डाटा उपलब्ध कराता था, जिसके आधार पर वे क्रेडिट कार्ड धारकों को फोन करते थे। इसके बाद लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर फर्जी लिंक भेजा जाता था।

पीड़ित के झांसे में आते ही उसके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर आनलाइन सामान खरीदा जाता था। खरीदा गया सामान मुख्य आरोपित को सौंप दिया जाता था या फिर बेचकर रकम हासिल कर ली जाती थी।

छह महीने से चला रहे फर्जी काल सेंटर

पुलिस जांच में सामने आया कि यह फर्जी काल सेंटर जनवरी 2026 से संचालित हो रहा था। आरोपित कुछ दिन ठगी करने के बाद अपना काम बंद कर देते थे और फिर नए स्थान से गतिविधियां शुरू कर देते थे। पुलिस से बचने के लिए वे हर 10 से 15 दिन में ठिकाना बदल लेते थे।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के मास्टरमाइंड, ठगी से अर्जित रकम और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। आरोपितों को रिमांड पर लेकर आगे की जांच की जाएगी।