Raipur छत्तीसगढ़ की गरियाबंद पुलिस ने नशे के सौदागरों पर नकेल कस दिया है. सोमवार को देवभोग इलाके में पुलिस ने ऑपरेशन निश्चय के तहत इंटरस्टेट गांजा तस्करों का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने चेकिंग के दौरान कुल 2 करोड़ का गांजा जब्त किया है.महाराष्ट्र के नवी मुंबई और ओडिशा के 5 तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
ट्रक में छिपाकर ले जा रहे थे गांजा
गांजा तस्कर एक ट्रक में दो करोड़ का गांजा छिपाकर ले जा रहे हैं. तस्करों ने दो बरसाती और तिरपाल के बीच गांजे को छिपाकर रखा था. पुलिस ने चार क्विंटल यानि की 400 किलो गांजा जब्त किया है.
ऐसे पकड़ में आया गांजा नेटवर्क
24 अगस्त की रात थाना देवभोग की टीम खुटगांव नाके पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान ओडिशा की तरफ से आ रहे ट्रक को पुलिस ने रोका. ट्रक की बारीकी से जांच की गई तो गांजे की खेप बरामद हुई. ट्रक की छत पर काले तिरपाल से ढके पैकेटों को खोलने पर 400 किलो गांजा मिला. वाहन में सवार महाराष्ट्र के संतोष मोहिते और सुमित थोड़वे ने पूछताछ में बताया कि आगे बाइक से दो लोग पायलटिंग कर रहे हैं. पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर बाइक पर सवार पंकज मोहिते और जलंधर खम्हारी को धर दबोचा.
पूछताछ में तस्करों ने ओडिशा के कालाहांडी से गांजा की तस्करी करने की बात बताई. उसके बाद पुलिस ने टीम भेजकर डेंगागुड़ा निवासी विनोद दिसारी को गिरफ्तार किया. गांजे की खेप तस्करों ने विनोद दिसारी से ली थी. उसके पास से गांजा बिक्री के 5 लाख रुपये बरामद हुए.
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गरियाबंद पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े गांजे की तस्करी को रोका है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी ऑपरेशन निश्चय तेज रफ्तार से चलता रहेगा.

