उत्तर प्रदेश के कानपुर में कोचिंग संचालक प्रकाश चंद्र गुप्ता की हत्या मामले में आखिरकार पुलिस को सफलता मिल गई। पुलिस ने कोचिंग संचालक की हत्या मामले में मोहित द्विवेदी को गिरफ्तार किया है। प्रकाश और मोहित करीब 18 सालों से दोस्त थे। मोहित ने 31 मई की रात कोचिंग संचालक की हत्या की थी। हत्या के कारणों का भी खुलासा हुआ है। कोचिंग संचालक प्रकाश चंद्र गुप्ता पांच लाख रुपये की सोने की चेन पहनते थे। उनके पास लाखों रुपये का ब्रेसलेट भी था। मोहित की नजर खजुराहो घूमने के दौरान इस पर टिकी थी। इसे लेने के मकसद से उसने इस कांड को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस के सामने इस कांड को लेकर कोई सबूत नहीं मिल पा रहा था। पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी की जांच के बाद आखिरकार कातिल को ढूंढ़ निकाला।

15 दिन पहले ही बनाई योजना
मोहित ने प्रकाश की हत्या की प्लानिंग पहले से तैयार करनी शुरू कर दी थी। इसको 15 दिन पहले अमली जामा पहनाया। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसने टीवी और यूट्यूब पर क्राइम पेट्रोल जैसी सीरीज देखकर योजना बनाई। पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने बुर्का, महिला चप्पल, दस्ताने और अन्य सामान भी खरीदा। इलाके के सीसीटीवी कैमरों की रेकी की।
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने इस मामले में कहा कि आरोपी जब कोचिंग संचालक के पास पहुंचा था तो उसने बुर्का पहन रखा था। उसका मकसद पुलिस की आंख में धूल झोंकना था। सीपी ने कहा कि डीसीपी सेंट्रल की टीम ने 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके बाद टीम के सदस्य आसानी से आरोपी तक पहुंच गए। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
दोनों साथ पीते थे शराब
प्रकाश चंद्र गुप्ता और मोहित द्विवेदी के बीच की दोस्ती काफी पुरानी थी। दोनों साथ में शराब भी पीते थे। आरोपी ने बीएड, एमए और एलएलबी की डिग्री हासिल की थी। मोहित ने पीजीटी परीक्षा भी दी थी। वह अंग्रेजी भाषा का जानकार है। पुलिस के अनुसार, 31 मई को आईपीएल का फाइनल मैच देखने के लिए मोहित प्रकाश चंद्र गुप्ता की कोचिंग में रुका था।
मोहित ने देर रात मौका पाकर कोचिंग संचालक प्रकाश चंद्र गुप्ता की हत्या कर दी। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। वारदात के बाद आरोपी ने अलग-अलग रूट का उपयोग किया। कई ऑटो का इस्तेमाल कर पुलिस को भ्रमित करने का प्रयास किया। उसने उम्मीद की थी कि शक किसी महिला पर जाए।

