दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर-राज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए हैं. बरामद नशीले पदार्थों में करीब 21 किलो 730 ग्राम गांजा और 46 ग्राम स्मैक शामिल है, जिसकी अवैध बाजार में कीमत लगभग 12 लाख रुपये बताई जा रही है.

पुलिस ने 21 किलो से ज्यादा गांजा किया बरामद
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई के लिए एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड की एक विशेष टीम बनाई गई थी. टीम ने इलाके में मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर मानव खुफिया स्रोतों के जरिए जानकारी जुटानी शुरू की. इसी दौरान 11 और 12 मार्च 2026 की दरमियानी रात को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दो व्यक्ति स्कूटी से एनएच-24 पर खिचड़ीपुर बस स्टैंड के पास से अक्षरधाम की तरफ जा रहे हैं और उनके पास बड़ी मात्रा में गांजा है, जिसे आगे सप्लाई किया जाना है.सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खिचड़ीपुर बस स्टैंड के पास जाल बिछाया और संदिग्ध स्कूटी को रोककर दो लोगों को पकड़ लिया. उनकी पहचान अकबर और फिरोज खान के रूप में हुई. दोनों के पास मौजूद सफेद रंग के दो बैगों की तलाशी लेने पर पुलिस को कुल 21 किलो 730 ग्राम गांजा बरामद हुआ. इसके अलावा आरोपी फिरोज खान के पास से करीब 46 ग्राम स्मैक भी मिली.
फिरोज खान तस्करी मामले में चार बार हो चुका है गिरफ्तार
इस बरामदगी के बाद दिल्ली के कल्याणपुरी थाने में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया और आगे की जांच शुरू कर दी गई. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. पूछताछ के दौरान फिरोज खान ने खुलासा किया कि वह पहले भी नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में चार बार गिरफ्तार हो चुका है. उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के नोएडा में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज है. उसने बताया कि वह अपने साथी अकबर के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स की सप्लाई करता था.
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी एक संगठित ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं और तेजी से पैसा कमाने के लालच में अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार कर रहे थे. जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चैन का पता लगाने में जुटी हुई हैं.

