दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता के खेत में अफीम की अवैध खेती पकड़े जाने के बाद भाजपा नेता विनायक ताम्रकर को पार्टी ने सस्पेंड कर दिया है। भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा नेता का फार्महाउस करीब 150 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें चारागाह की भूमि भी शामिल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी का सांसद, विधायक और कलेक्टर के साथ उठना बैठना है जिसके चलते प्रशासन की कार्रवाई नहीं होती। बघेल ने आगे कहा कि पहले नशा पंजाब और अन्य राज्यों से सप्लाई होता था, लेकिन अब दुर्ग जिले में ही अफीम की खेती शुरू हो गई है और इसकी नेटवर्क कितनी फैली है, इसकी जांच होनी चाहिए है। भूपेश बघेल ने ये बातें समोदा गांव के खेत में पहुंचकर कही।
ग्रामीणों-पुलिसकर्मियों में झूमाझटकी
इस दौरान वहां भारी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग भी खेत में पहुंच गए। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो झूमाझटकी हो गई। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
बता दें कि पुलिस को अफीम की सूचना मिलने के बाद 6 मार्च को खेत में रेड की गई, जिसमें करीब डेढ़ एकड़ में अफीम के पौधे मिले हैं। मामला समोदा गांव का है, जहां भाजपा किसान मोर्चा के नेताओं के खेत में चोरी-छिपे अफीम की खेती की जा रही थी।
इस पर भाजपा नेता विनायक का कहना है कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी और जमीन अधिया (आधी फसल) पर दी गई थी।
जिस जमीन में अफीम की खेती वो मेरी नहीं- विनायक ताम्रकर
भाजपा नेता विनायक ताम्रकर ने कार्रवाई को द्वेषपूर्ण बताया है। उनके मुताबिक जिस जमीन को लेकर मामला बनाया जा रहा है, वह उनकी नहीं है और उनकी असली जमीन समोदा गांव में है। उनका नाम बिना वजह उछाला जा रहा है।
उन्होंने समोदा के सरपंच अरुण गौतम पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि सरपंच ने आपराधिक छवि छिपाने के लिए गलत तरीके से नामांकन भरा था, जिसकी शिकायत उन्होंने पहले एसडीएम कार्यालय में की थी। ताम्रकर ने यह भी बताया कि दस साल पहले उनकी पत्नी सरपंच थी और उस समय रेत रॉयल्टी के 23 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया था।
जिस पर कार्रवाई के बाद 23 लाख की रिकवरी हुई और उन्हें छह साल के लिए सस्पेंड किया गया था। उनका कहना है कि इसी पुरानी शिकायत और व्यक्तिगत द्वेष के कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है।

