2011: अख्तर-अफरीदी ने नेहरा की थी खास मदद

नई दिल्ली
(Aashish Nehra) ने खुलासा किया है कि कैसे पाकिस्तानी क्रिकेटरों () और () ने 2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल (2011 World Cup Semifinal) के टिकट मुहैया कराने में उनकी मदद की थी।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नेहरा उस मैच में भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्हें अपने परिवार के कुछ सदस्यों के लिए टिकट की जरूरत थी। अब चूंकि यह मैच इतना बड़ा था और इसे लेकर काफी माहौल बना हुआ था, नेहरा के लिए अतिरिक्त टिकट का बंदोबस्त करना मुश्किल था। लेकिन मोहाली के पंजाब क्रिकेट स्टेडियम में हुए इस मुकाबले के टिकटों की उनकी मदद की शाहिद अफरीदी और शोएब अख्तर ने। इन दोनों ने अपना सेलिब्रिटी कार्ड खेला, और आखिर में नेहरा को कुछ एक्स्ट्रा टिकट मिल गए।

नेहरा ने विजडन के एक पॉडकास्ट में कहा कि माहौल का कोई मुकाबला नहीं था। दुनियाभर से लोग चंडीगढ़ पहुंच चुके थे इस उम्मीद में कि उन्हें किसी तरह सेमीफाइनल मैच देखने को मिल जाएगा। लेकिन यह मैच इतना बड़ा था कि बड़ी संख्या में लोगों को खाली हाथ निराश लौटना पड़ा।

नेहरा ने कहा, ‘सब कुछ बहुत जल्दी हुआ। सिर्फ तीन दिन पहले ही तय हुआ कि पाकिस्तान और भारत के बीच सेमीफाइनल मुकाबला होगा। मैंने इससे पहले ऐसा कुछ नहीं देखा था। चंड़ीगढ़ में बहुत ज्यादा फाइव स्टार होटल नहीं थे, एक माउंट व्यू होटल था और टीमें ताज में रुकी हुई थीं। मैंने देखा कि लोग अमेरिका और इंग्लैंड से आए हुए थे और उनके पास टिकट नहीं थे।’

उस मैच में कई बड़ी हस्तियां पहुचीं हुई थीं। भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh), सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के अलावा पाकिस्तान के तब के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी भी मैच देखने आए थे। नेहरा ने समझाया कि पाकिस्तान से आई खास हस्तियों और अन्य देशों से आए लोगों की वजह से चंडीगढ़ के होटलों में जगह ही नहीं बची थी। हाल यह था कि मुख्य चयनकर्ता कृष्णमनचारी श्रीकांत को भी रूम नहीं मिला था।

सेमीफाइनल में नेहरा ने 33 रन देकर दो विकेट लिए थे और भारत ने पाकिस्तान को 29 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। यह पांचवां मौका था जब भारत ने पाकिस्तान को वर्ल्ड कप में हराया था। नेहरा ने कहा कि वह लकी रहे कि उन्होंने अपने दोस्तों और परिवार के लिए टिकट का इंतजाम कर लिया था।

नेहरा ने कहा, ‘भारत के लिए शानदार मैच रहा, माहौल बहुत शानदार था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह थी कि लोग होटल के बाहर खड़े थे और उनके पास टिकट नहीं थे। सच कहूं तो मैं खुशकिस्मत था क्योंकि मेरे पास कुछ एक्स्ट्रा टिकट थे जो मुझे पाकिस्तानी कैंप से मिले थे। मैंने शाहिद अफरीदी से कहा कि मुझे दो टिकट चाहिए, मुझे उनसे मिल गए, फिर मैंने दो टिकट शोएब अख्तर से लिए। वकार यूनिस कोच थे। तो शायद 30 खिलाड़ियों में से सबसे ज्यादा टिकट मेरे पास थे।’

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