WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के जेल जाने तक जारी रहेगा प्रदर्शन- धरने पर बैठे पहलवानों का ऐलान

Toran Kumar reporter..28.4.2023/✍️

जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे पहलवानों की मेहनत रंग लाती नजर आ रही है. पहलवानों की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी कि भारतीय कुश्ती महासंघ (Wrestling Federation Of India) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Singh) के खिलाफ आज ही FIR दर्ज की जाएगी. दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ सात महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों पर उसने FIR दर्ज करने का फैसला किया है.

उधर,धरने पर बैठे पहलवानों ने ऐलान किया है कि जब तक वह जेल नहीं भेजे जाते तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा. पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि आज कोर्ट का फैसला आया है, लेकिन दिल्ली पुलिस पर हमें भरोसा नहीं है. हम 6 दिनों से बैठे हैं. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर ही हमारा अगला कदम होगा. हमारी मांग है कि उन्हें (WFI अध्यक्ष बृजभूषण) जेल में डाला जाए. मेरी PM से नैतिकता के आधार पर अपील है कि उन्हें हर एक पद से हटाया जाए. जब तक वे उस पद पर रहेंगे वे उस पद का दुरुपयोग करेंगे और जांच को प्रभावित करेंगे. सुप्रीम कोर्ट पर हमें पूरा भरोसा है.

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ को बताया कि आज प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. मेहता ने पीठ से कहा, ‘हमने प्राथमिकी दर्ज करने का फैसला किया है. यह आज दर्ज की जाएगी.’

पीठ सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के सात महिला पहलवानों के आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के आरोप वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. पीठ ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को एक नाबालिग लड़की को खतरे का आकलन करने और उसे पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश भी दिया जो यौन उत्पीड़न की कथित पीड़ित है.

बृजभूषण शरण पर क्या हैं आरोप?

पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं. पहलवानों ने यौन शोषण के अलावा भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर तानाशाही और मनमानी करने का भी आरोप लगाया है. जंतर-मंतर पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पहलवानों ने कहा कि वह मेंटल टॉर्चर से जूझ रहे हैं. इससे पहले भी जनवरी 2023 में बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक समेत कई पहलवान जंतर-मंतर पर जुटे थे और अपनी बात रखी थी. उस समय खेल मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद पहलवानों ने प्रदर्शन वापस ले लिया था. तब एक कमेटी का भी गठन किया गया था.

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