MP में शहडोलः न एंबुलेंस, न कोई डॉक्टर-नर्स, बीच सड़क पर हुई महिला की डिलीवरी

शहडोल।
शासन-प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी जिले की स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने की बजाय दम तोड़ती नजर आ रही हैं। संसाधनों के बावजूद लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जिले का स्वास्थ्य विभाग आये दिन किसी न किसी नकारात्मक पहलू को लेकर सुर्खियों में बना रहता है। बुधवार को भी एक बार फिर विभाग की लापरवाही चर्चा में आ गई जब एक गर्भवती महिला की रास्ते में ही ग्रामीणों की मदद से बगैर चिकित्सकीय देखरेख के डिलीवरी करानी पड़ी।

यह है मामला
ग्राम देवरी निवासी राजकुमार चौधरी की पत्नी कुन्ती बुधवार सुबह से ही प्रसव पीड़ा के कारण तड़प रही थी। घर के सदस्यों ने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिये कई बार एम्बुलेंस को फोन किया लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इधर कुन्ती की पीड़ा बढ़ती ही जा रही थी। अंततः घरवाले उसे बाइक पर ही अस्पताल ले कर चल पड़े।

रास्ते में सोन नदी के नजदीक कुन्ती का दर्द बर्दाश्त से बाहर होने लगा। कोई उपाय न देख ग्रामीण नीतीश सिंह, गोपाल शर्मा और अनिल बर्मन ने सड़क पर ही उसका प्रसव कराने की व्यवस्था की। बगैर किसी चिकित्सकीय देखरेख के उक्त का प्रसव कराना पड़ा। किस्मत अच्छी थी कि सब कुछ ठीक रहा नहीं तो कोई अनहोनी भी हो सकती थी।

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