CG.CRIME NEWS.थाना कुम्हारी क्षेत्र में घटित सनसनीखेज सामूहिक हत्याकांड के मामले का 30 घंटो के भीतर पर्दाफाश

भिलाई कुम्हारी के कपसदा अकोला में तीन दिन पहले हुई सामूहिक हत्या की गुत्थी को पुलिस ने तीन दिनों में ही सुुलझा लिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में मृतक भुलानाथ यादव के छोटे भाई किस्मत यादव और उसके दो साथियों आकाश मांझी औक टीकमदास धृतलहरे को भी गिरफ्तार किया है। इस जघन्य हत्याकांड का प्रमुख कारण रुपये और अय्याशी है।

आरोपित किस्मत यादव का गांव की एक महिला से अवैध संबंध था। उस महिला को भुलानाथ ने अपनी प्रेमिका बना लिया था। इसके अलावा भुलानाथ की एक और महिला से अवैध संबंध था। जिसे आरोपित किस्मत यादव अपने वश में करना चाहता था। उसकी प्रेमिका को अपने वश में करने के लिए वो सम्मोहन का टोटका करवाना चाहता था। जिसके लिए उसे रुपयों की जरूरत थी।

किस्मत को पता था कि भुलानाथ के पास काफी रुपये हैं। इसलिए वो अपने दो दोस्तों आकाश मांझी और टीकमदास धृतलहरे के साथ घटना की रात भुलानाथ से रुपये मांगने के लिए गया था। लेकिन, भुलानाथ ने उसे रुपये देने से इन्कार कर दिया। दोनों के बीच पहले से मनमुटाव था। रुपये न दिए जाने से ये मनमुटाव और ज्यादा बढ़ा और आरोपित ने अपने दोस्तों के साथ अपने भाई, उसकी पत्नी नेला यादव और दोनों बच्चों मुक्ता व परमत की हत्या कर दी थी।

पत्रकार वार्ता में मामले की जानकारी देते हुए एसपी डा. अभिषेक पल्लव और एएसपी संजय ध्रुव ने बताया कि इस हत्याकांड में ग्राम कपसदा अकोला निवासी किस्मत यादव (33), आकाश मांझी (35) और टीकम दास धृतलहरे (49) को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपितों ने बुधवार की रात 11 से एक बजे के बीच वारदात को अंजाम दिया था। घटना के पहले तीनों आरोपितों ने आठ पाव्वा शराब पी थी। वहां से वे तीनों रात में भुलानाथ के घर पर गए और आवाज लगाकर उसे बुलाया था।

भुलानाथ अपने भाई की आवाज सुनकर रात में बाहर निकला था। वहां पर आरोपित किस्मत यादव ने उससे रुपये मांगे। भुलानाथ ने रुपये देने से इन्कार किया तो भुलानाथ ने अपने पास रखा खंजर से उसके गले पर वार किया। इसके बाद बाकि के आरोपितों ने सब्बल और कुल्हाड़ी से उसके सिर पर मारा। खंजर लगने पर भुलानाथ चीखा तो उसकी आवाज सुनकर उसकी पत्नी नेला यादव बाहर निकली थी।

उसे देखकर आरोपितों ने उसे दौड़ाया और घर के भीतर घुसते ही उसे मार दिया। दोनों बच्चे, आरोपित किस्मत यादव को पहचानते थे। इसलिए आरोपितों ने घर में दीवार से चिपककर बैठे दोनों बच्चों को भी मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद आरोपित किस्मत यादव अपने घर चला गया था। वहीं आरोपित आकाश मांझी और टीकमदास धृतलहरे भागकर ओडिशा चले गए थे। उन्हें ओडिशा से गिरफ्तार किया गया।

हत्या के बाद आलमारी से निकाले रुपये और घर जाकर धुलवाए खून सने कपड़े

आरोपित किस्मत यादव को पता था कि भुलानाथ यादव पैसों को आलमारी में और आलमारी की चाबी को अपनी जेब में रखता है। चारों की हत्या करने के बाद किस्मत यादव अपने भाई भुलानाथ यादव के शव के पास गया और उसके जेब से आलमारी की चाबी निकालकर आलमारी में रखे रुपये और जेवर को निकाला। इसके बाद तीनों आरोपित अपने अपने घर गए और खून लगे कपड़ों को धोने के लिए दे दिया।

तीनों की पत्नियों ने खून लगे कपड़ों को रात में ही धोया। आरोपित किस्मत यादव की पत्नी ने कपड़ों के साथ ही हथियार को भी धोया था। लेकिन, खून के धब्बे साफ नहीं हुए। पुलिस ने तीनों आरोपितों के घर से खून लगे कपड़ों को बरामद किया है। साथ ही आरोपित किस्मत यादव के घर से सात लाख 92 हजार 400 रुपये, जेवर, घटना में प्रयुक्त हथियार और मोबाइल फोन को बरामद किया है।

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