छत्‍तीसगढ़ कांग्रेस में बड़ा बदलाव, मोहन मरकाम की जगह दीपक बैज को बनाया अध्‍यक्ष

Toran Kumar reporter..13.7.2023/✍️

Chhattisgarh.रायपुर चुनावी वर्ष में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने छत्तीसगढ़ के लोकसभा सदस्य दीपक बैज को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कमान दी है। अब तक इस पद पर कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

लंबे समय से मोहन मारकम को हटाए जाने की चर्चा हो रही थी। अब कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बस्तर के आदिवासी नेता दीपक बैज को प्रदेश की कमान सौप दी है। बता दें कि दीपक बस्तर सीट से लोकसभा के सदस्य हैं।

विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस की ये दूसरी बड़ी नियुक्ति है। इससे पहले कांग्रेस ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया था। सीएम ने ट्वीट कर बधाई दी।

दीपक बैज का राजनीतिक सफर

कांग्रेस के युवा नेता दीपक बैज माढ़िया आदिवासी हैं। बैज कृषक परिवार से आते हैं। इनकी शैक्षणिक योग्यता एमए तक है। इन्होंने छात्र राजनीति से विधायक तक का सफर किया है। वर्ष 2000 में एनएसयूआइ के बस्तर जिला के महासचिव बनाए गए थे।

2003 से 2004 तक अनुसूचित जाति-जनजाति छात्र संगठन जिला बस्तर के अध्यक्ष रहे। इस दौरान छात्र राजनीति करते हुए बैज ने युवा राजनीति में प्रवेश किया। बस्तर जिला युवा कांग्रेस के महासचिव बनाए गए। 2005 में पंचायत चुनाव लड़े और जिला पंचायत सदस्य बन गए। यहां से इनकी मुख्य संगठन की राजनीति शुरू हुई। वर्ष 2011 से 2013 तक ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लोहंडीगुड़ा के कार्यकारी अध्यक्ष रहे।

इसी दौरान इन्हें ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का पूर्णकालिक अध्यक्ष भी बना दिया गया। 2013 में पार्टी ने बैज को चित्रकोट से विधानसभा चुनाव लड़ाया और पहली बार विधायक चुने गए। 2018 में फिर से पार्टी ने इन्हें मैदान में उतारा। बैज लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीतने में सफल रहे।

माउंटेनमैन के रूप में भी पहचान

दीपक बैज ने बस्तर में पहाड़ तोड़कर सड़क बनाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया और खुद श्रमदान भी किया, इसलिए इन्हें माउंटेनमैन के नाम से भी जाना जाता है। बैज को 2017 में भारतीय छात्र संसद पुणे में आदर्श युवा विधायक के रूप में सम्मानित किया गया था। विधायक रहते हुए बैज ने लगातार 50 दिनों तक एक हजार किमी से अधिक पदयात्रा की और गांवों में रात बिताकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं थीं।

Leave a Comment