साउथ अफ्रीका से लाए गए एक और चीते की मौत, घंटों बेहोश रहने के बाद ‘तेजस’ ने तोड़ा दम

Toran Kumar reporter..12.7.2023/✍️

कूनो नेशनल पार्क से एक और बुरी खबर सामने आई है. कूनो में एक और नर चीते की मौत हो गई है. नर चीता तेजस ने दम तोड़ दिया है. मॉनिटरिंग टीम को तेजस घायल अवस्था मे मिला था, जिसके बाद मॉनिटरिंग टीम ने इलाज किया था, लेकिन  उपचार के बाद भी चीते की जान नहीं बचाई जा सकी. बताया जा रहा है कि घंटो तक बेहोश रहा था.

वहीं चीते तेजस की मौत के बाद अब तक कूनो नेशनल पार्क मे 4 चीते ओर 3 शावकों की हो चुकी हे मौत. बता दें कि चीता तेजस उन चीतों में शामिल है, जिन्हें साउथ अफ्रीका से लाया गया था.

इससे पहले 25 मई को कूनो नेशनल पार्क में दो और शावकों की मौत हो गई थी. चीते तेजस की मौत के बाद पिछले कुछ महीनों में अफ्रीकी देशों से भारत आए कुल 7 चीतों की मौत हो चुकी है. पहले तीन चीतों और फिर तीन शावकों की मृत्यु अलग-अलग कारणों से हुई थी.


नामीबिया से भारत आए चीतों में से एक साशा की 27 मार्च को किडनी से संबंधित बीमारी की वजह से मौत हो गई थी. माना जाता है कि साशा नामीबिया में कैद के दौरान इस बीमारी की चपेट में आ गई थी और कुनो पहुंचने के बाद से ही अस्वस्थ थी. दक्षिण अफ्रीका के चीता उदय की 13 अप्रैल को मौत हो गई थी. उदय की मौत की कार्डियोपल्मोनरी फेलियर मानी जा रही थी. दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता दक्ष की नौ मई संभोग के दौरान चोट लगने से मौत हो गई थी.

कूनो में चीतों की कब-कब हुई मौत

-27 मार्च को किडनी में संक्रमण के चलते 4 साल की मादा चीता साशा की मौत हुई।

23 अप्रैल को उदय चीता की हार्टअटैक से मौत हो गई थी। उसे बाड़े में लड़खड़ाकर अचानक बहोश होते देखा गया था।

-9 मई को बाड़े में दो नर चीतों अग्नि और वायु के साथ मेटिंग के दौरान संघर्ष में दक्षा चीता की मौत हो गई।

-23 मई को एक चीता शावक की मौत हुई। इसे सियाया (ज्वाला) चीता ने जन्मा था

-25 मई को ज्वाला के दो अन्य शावकों की मौत हुई।

-11 जुलाई को चीता तेजस की मौत हो गई। इसे दक्षिण अफ्रीका से लाया गया था।

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